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केन्‍द्र

ई.जी.आर.एल., तिरुनलवेली

संस्थान ने सन् 1991 में तिरुनेलवेली, भारत के उपनगर में, विषुवतीय ऊपरी वायुमण्डल की प्रक्रियाओं के अध्ययन के लिए एक नया केंद्र स्थापित किया I विषुवतीय भूभौतिकी अनुसंधान प्रयोगशाला नामक यह केद्र संस्थान की देखरेख में कार्यरत है एवं यहां पर सतत रुप से भूचुंबकीय आंकड़े भी अभिलेखित किये जाते हैं I

के.एस.के.जी.आर.एल., इलाहाबाद

डॉ. के.एस. कृष्‍णन भूचुंबकीय अनुसंस्‍थान प्रयोगशाला इलाहाबाद का 27 मार्च 2008 को उदघाटन हुआ । मुख्‍य अतिथि डॉ. टी. रामस्‍वामी, सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने उदघाटन फलक का अनावरण किया । इस अवसर पर संस्‍थान की शासी परिषद के अध्‍यक्ष एवं सदस्‍य, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विभाग के वित्‍तीय सलाहकार, RAC सदस्‍य, संस्‍थान के निदेशक आदि गणमान्‍य व्‍यक्‍ति उपस्‍थित थे । निदेशक , भा.भू.सं. ने इलाहाबाद में केएसकेजीआरएल की, ठोस पृथ्‍वी तथा भूअंतरिक्ष मौसम अनुसंधान से संबंधित बहु-आयामीय अध्‍ययनों के लिए प्रयोगों की विभिन्‍न श्रेणी की स्‍थापना तथा विकास की आवश्‍यकता पर बल दिया । केएसकेजीआरएल की गतिविधियों में भूचुंबकत्‍व अनुसंधान, ऊपरी वायुमंडलीय अध्‍ययन, पुराचुंबकीय तथा चुंबकीय-शैलवैज्ञानिक अध्‍ययन के क्षेत्र शामिल हैं । इन अन्‍वेषणों से पृथ्‍वी के गहरे आंतरिक तथा ऊपरी वायुमंडल तथा सौर स्‍थलीय संबंधों के बारे में महत्‍वपूर्ण सूचना मिलने की संभावना है ।



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